Key Features
  • कस्टमर और सप्लयार के लिए मोबाइल ऐप।
  • सेल्स ऑर्डर और पर्चेस ऑर्डर का मैनेजमेंट।
  • बारकोड और QR कोड के साथ प्रोडक्ट स्टिकर।
  • फोटो, विडिओ, स्पेसिफिकेशन, सप्लयायर वगेरे के साथ प्रोडक्ट मैनेजमेंट।
  • पेमेंट, रिसीप्ट, लेजर वगेरे के साथ पूरा एकाउंटिंग।
  • सेल्स, परचेस, आर्डर, स्टॉक वगेरे के साथ पूरा इन्वेंटरी मैनेजमेंट।
  • जॉबवर्क और कोस्ट के साथ पूरा प्रोडक्शन मैनेजमेंट।
  • कारीगर के साथ जॉबवर्क के लेन-देन, और कारीगर का एकाउंटिंग।
  • रॉ-मटीरियल, सेमी-फिनिस और फिनिस गुड्स का स्टॉक मैनेजमेंट।
  • यूजर राइट्स के साथ मल्टी यूजर मैनेजमेंट।
  • Divine ERP पूरा क्लाउड बेइझ है। जिससे आप कभीभी, कहीसेभी ओर किसीभी डिवाइज़ से उपयोग कर सकते है, जैसे की Laptop, Mobile, Tablet etc.
Mobile App for Customer

Burning Problems.

  • जब कोई नई प्रोडक्ट लॉन्च करते है, तब सभी ग्राहकों को उसकी तस्वीरें और क़ीमत भेजनी पड़ती हैं, जिससे काफी समय बर्बाद होता है।
  • ग्राहक को भेजी गई फोटो को आगे फॉरवर्ड होने से रोका नहीं जा सकता।
  • कभी-कभी ग्राहक स्पेसिफिक प्रोडक्ट देखना चाहता है, जैसे कि सोने की परत चढ़ा हुआ, हीरे जड़ा हुआ, मीणा से सजा हुआ आदि। ऐसी स्थिति में प्रोडक्ट की तस्वीरें ढूंढकर भेजनी पड़ती हैं।
  • ग्राहक हंमेसा यह जानना चाहते हैं कि हमारे पास कौन से नए प्रोडक्ट आये हैं।
  • जब कोई ग्राहक ऑर्डर देता है, तब वह डिजाइन नंबर लिखाने में गलती कर शकता है, या ऑर्डर लेने वाला व्यक्ति लिखने में गलती कर शकता है।
  • ऑर्डर लेने के लिए जब हम किसी का फॉलो-अप लेते हैं, तब या तो ग्राहक उपलब्ध नहीं होता, या हमारे व्यावसायिक घंटे समाप्त हो चुके होते हैं।
  • फोन या मैसेज के माध्यम से ऑर्डर लेने के बाद पेंडिंग ऑर्डर मैनेज करना मुश्किल होता है।
  • कभी-कभी ऑर्डर पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक नहीं होता है, तब पेंडिंग ऑर्डरों को मैनेज करना मुश्किल होता है।
  • हमारे पास बहोत सारी प्रोडक्ट ऐसी होती है जो भविष्यमे रिपीट नहीं करना चाहते, अगर ऐसी प्रोडक्ट का ओवरबुकिंग हो गया तो यह प्रश्न उठता है कि किसे माल दे और किसे इनकार करे?
  • यदि ऑर्डर केवल स्टॉक के आधार पर बुक किया जाता है, तो ओवरबुकिंग का मुद्दा बना रहता है।
  • अगर मोबाइल ऐप केवल ऑर्डर लेने के लिए है, तो स्टॉक को नियमित रूप से अपडेट करना पड़ता है।
  • यदि ऑर्डर लेने के लिए मोबाइल ऐप और स्टॉक मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर अलग-अलग हों, तो कई प्रश्न उठते हैं। जैसे कि...
    • दोनों सॉफ्टवेर के बिच में प्रोडक्ट और स्टॉक दोनों सिंक्रोनाइज़ करने का प्रश्न प्रतिदिन बना रहेगा।
    • मोबाइल ऐप में प्राप्त हुए ऑर्डर के आधार पर बिल बनाने में काफी मेहनत लगती है।
  • ट्रावेलिंग के दरमियान आप या आपका सेल्स एग्जीक्यूटिव, कस्टमर की और से ऑर्डर ले सकते है।

Customer Management

  • नए ग्राहक के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। नए ग्राहक को नाम, मोबाइल नंबर, राज्य और शहर देना आवश्यक है। ग्राहक अपनी विजिटिंग कार्ड भी अपलोड कर सकता है।
  • नया ग्राहक अप्रूवल के बाद ही मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकता है।
  • अप्रूवल देते वख्त अलग-अलग ऑप्सन सेट कर सकते हैं, जैसे कि...
    • ग्राहक एप्लिकेशन का उपयोग जीवनभर कर शकता है या सीमित समय के लिए?
    • ग्राहक सेल-रेट देख सकता है या नहीं?
    • ग्राहक प्रोडक्ट को दूसरों के साथ शेयर कर सकता है या नहीं?
    • ग्राहक स्क्रीनशॉट ले सकता है या नहीं?
    • ग्राहक स्टॉक देख सकता है या नहीं?
    • ग्राहको केवल लेजर दिखाना है?
  • एक ही फर्म से एक से अधिक व्यक्ति ऑर्डर कर सकते हैं।
  • ग्राहक को अप्रूव या ब्लॉक किया जा सकता है।

Settings

  • यूजर तय कर सकता है कि आउट-ऑफ-स्टॉक प्रोडक्ट दिखाना है या नहीं।
  • ऐप में बैनर सेट किए जा सकते हैं, जैसे त्योहार का विज्ञापन, कोई स्कीम, नए प्रोडक्ट रेंज की शुरुआत आदि।
  • यूजर About-us में अलग-अलग जानकारी सेट कर सकता है जैसे कंपनी का नाम, पता, संपर्क विवरण, GST नंबर, बैंक डिटेल्स आदि।

Order Booking

  • जो प्रोडक्ट हम रेगुलर बनाते है, ग्राहक उसका कितनाभी आर्डर दे सकता है।
  • जो प्रोडक्ट लिमिटेड स्टॉक के लिए बनाई है उसका स्टॉक से ज्यादा आर्डर नहीं बुक कर सकते और बुक की गयी प्रोडक्ट को नहीं बेचा जा सकता।
  • ERP और मोबाइल ऐप का स्टॉक एक ही जगह मैनेज होता है। ERP के स्टॉक के आधार परही मोबाइल ऐप से बुकिंग होती है, दोनो का स्टॉक अलग अलग मैनेज नहीं करना पड़ता।
  • कार्ट में प्रोडक्ट की Qty, कीमत और रकम को देख सकते है, और ऑर्डर भी वहीसे दे सकते है।

Categories

  • कस्टमर अलग अलग केटेगरी देख सकते है। जैसेकी बाली, बूटी, अंगूठी, बेंगल्स, मंगल सूत्र वगेरे।
  • प्रोडक्ट केटेगरी को फोटो के साथ देख सकते हैं।
  • केटेगरी के अंदर सब-केटेगरी भी दिखा सकते हैं।

Products

  • केटेगरी के अंदर प्रोडक्ट देखते समय अगर हमें सारी प्रोडक्ट नहीं देखनी है तो फ़िल्टर का उपयोग कर सकते है। जैसे की...
    • Platting: Gold, Silver, Oxidised...
    • Color: White, Red, Green, Black...
    • Dimoand: White, Blue, Mix...
    • Mina: Sada Mina, 3D Mina...
    • Gender: Male, Female, Kids
  • प्रोडक्ट को सॉर्टिंग कर के देख सकते है जैसे की लेटेस्ट प्रोडक्ट्स, प्राइस - लो टू हाई (Low to High) और हाई टू लो(High to Low)।
  • प्रोडक्ट के साथ फोटो, वीडियो, किम्मत, यूनिट/पैकिंग, स्टॉक वगेरे देख सकते है।
  • New Arrival के अंदर कोनसी नयी प्रोडक्ट आयी है वो देख सकते है।

Other Features

  • ग्राहक अपना लेजर देख सकते है।
  • ग्राहक अपने पिछले ऑर्डर देख सकते है।
  • पिछले ऑर्डर के प्रोडक्ट को कार्ट मे डाल सकते है।
  • नए प्रोडक्ट का नोटिफिकेशन सभी ग्राहकों को भेज सकते है।
Mobile App for Supplier
  • कच्चे माल के सप्लयायर और जॉब-वर्कर्स बाकी ऑर्डर देख सकते हैं।
  • बाकी ऑर्डर फोटो के साथ देखे जा सकते हैं।
  • सप्लयायर अपना खाता वही देख सकते हैं।
Inventory Management
  • सेल्स, परचेस वगेरे के साथ स्टॉक मैनेज होगा।
  • फिनिस, सेमी-फिनिस और रो-मटीरियल का स्टॉक मैनेज होगा।
  • सेल्स, परचेस वगेरे का रजिस्टर देख सकते है।

Product Categories

  • अलग अलग प्रोडक्ट केटेगरी बना सकते है, जैसेकी बूटी, बाली, रिंग, बेंगल्स, मंगल सूत्र वगेरे।
  • केटेगरी के लिए फोटो सेट किया जा सकता है। ताकि मोबाइल एप में केटेगरी के साथ फोटो देख सके।
  • केटेगरी और सब-केटेगरी मैनेज कर सकते है।

Products

  • प्रोडक्ट को केटेगरी के अनुसार मैनेज किया जा सकता है।
  • प्रोडक्ट में केटेगरी के अनुसार नया डिज़ाइन नंबर दिखता है।
  • हर प्रोडक्ट के साथ एक से ज़्यादा स्पेसिफिक्शन सेट कर सकते है, जैसेकि Platting:Gold Platting, Diamond: 12PP White, Color: Maroon वगेरे।
  • केटेगरी प्रीफिक्स, डिज़ाइन नंबर और स्पेसिफिकेशन के हिसाबसे मॉडल नंबर का सुझाव आएगा। जैसे की...
    • Model No: R0009-GM
    • Model No: BT0036-SW
    • Model No: BL0135-ORD
  • और उसी हिसाबसे प्रोडक्ट का पूरा नाम भी बनेगा। जैसे की...
    • Product Name: Ring R0009-GM Gold Platting
    • Product Name: Bangle BT0036-SW Silver White
    • Product Name: Bali BL0135-ORD Oxidised Red
  • प्रोडक्ट के लिए पैकिंग-यूनिट और स्टॉक-यूनिट सेट की जा सकती है। जेसे कि Box, PCs, Pair, Dozen etc.
  • प्रोडक्ट के लिए बारकोड और QR कोड अपने आप जनरेट हो जाएगा। जिसे Box पर लगा सकते है।
  • ओपनिंग स्टॉक, मिनिमम स्टॉक और मिनिमम आर्डर सेट कर सकते है।
  • प्रोडक्ट का अनलिमिटेड आर्डर लेना है, की लिमिटेड आर्डर लेना है वो भी तय कर सकते है।

Sales

  • डैस्कटॉप एप्लीकेशन के तरह सेल्स बिल बनाना बेहदही आसान है।
  • यूज़र बुक किया गया स्टॉक बेच नहीं सकते।
  • बॉक्स पे लगे बारकोड या QR कोड का उपयोग करके बिल बना सकते है।
  • मोबाईल के केमेरा से स्कैन करके आसानी से सेल्स बिल और सेल्स आर्डर बना सकते है।
  • सेव करने के बाद प्रिंट के अलग अलग विकल्प मिलते है। जिसे हम PDF डाउनलोड भी कर सकते है।
    • बिल: A5 और A4 साइजमें प्रिंट निकाल सकते है।
    • गुड्स चिट: जिसमे सिर्फ पार्टीका नाम, प्रोडक्ट का नाम, फोटो और Qty रहता है, जिससे माल निकालना आसान रहता है।

Purchase

  • सेल्स की तरह परचेस की भी साइकिल मैनेज होती है।
  • परचेस करने के बाद QR कोड के स्टीकर निकालते है, जिसे हम Box पर लगा सकते है।

Order Management

  • सेल्स ऑर्डर और परचेस ऑर्डर दोनों को मैनेज कर सकते है।
  • नए ऑर्डर को हम पेंडिंग ऑर्डर में देख सकत है। ऑर्डर वाइज, पार्टी वाइज और प्रोडक्ट वाइज आउटस्टैंडिंग देख सकते है।
  • सेल्स आर्डर के सामने बड़ी आसानीसे सेल्स बिल बना सकते है। उसी तरह परचेस ऑर्डर के सामने परचेस ले सकते है।
  • ग्राहक मोबाइल ऐप से ऑर्डर दे सकते है| और हम ERP से भी ऑर्डर डाल सकते है।
  • ऑर्डर जनरेटर टूल का उपयोग करके पर्चेज ऑर्डर तैयार किया जा सकता है।

Stock

  • प्रोडक्ट, स्पेसिफिकेशन और प्रोसेस वाइज स्टॉक देख सकते है।
  • स्टॉक देखने के लिए अलग अलग फ़िल्टर का उपयोग कर सकते है।
    • किसी तारीख तक का देखना है।
    • प्रोडक्ट केटेगरी वाइझ देखना है।
    • स्पेसिफिकेशन वाइझ देखना है।
    • जो स्टॉक पड़ा है वो देखना है।
    • नेगेटिव स्टॉक देखना है।
    • मिनिमम स्टॉक से कम स्टॉक देखना है।

Reporting & Other

  • पार्टी वाइज, बिल वाइज और प्रोडक्ट वाइज प्रॉफिट देख सकते है।
  • बिल अनुसार आउटस्टैंडिंग देख सकते है।
  • स्टॉक, सेल्स, पर्चेज, ऑर्डर वगेरे का रजिस्टर देख सकते है।
Production Management
  • जॉबवर्क में दी गई प्रोडक्ट का रजिस्टर और कारीगरों का हिसाब मैनेज कर सकते है।
  • हर प्रोसेस के बाद कितनेका रो-मटीरियल, सेमि-फिनिस और सर्विस चार्ज हुआ है उसके हिसाबसे प्रोडक्ट का कोस्ट मैनेज होगा।
  • अलग अलग ज्वेलरी जैसेकी बेंगल्स, अंगूठी, बूटी, बाली, मंगल सूत्र, माला वगेरे बनाने के लिए अलग अलग प्रोसेस कर सकते है जैसेकी
    • कास्टिंग
    • नाचक
    • सोल्डरिंग
    • बफिंग
    • छोलकाम
    • प्लैटिंग
    • डायमंड फिटिंग
    • मीना-वर्क
    • पैकिंग
  • कोई भी प्रोसेस बाहर जॉब-वर्क में दे सकते है या कंपनी के भीतर भी कर सकते है।
  • अगर हमें रो-मटीरियल और सेमि-फिनिस का स्टॉक नहीं रखना है और सिर्फ कारीगरों का हिसाब रखना है तो Jobwork Quick Issuse / Receive का उपयोग कर सकते है।

Jobwork Quick Issue

  • Jobwork Quick Issue में हमें सिर्फ कारीगर का नाम, प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन, वजन और Qty डालना है।
  • Jobwork से जो प्रोडक्ट आनी बाकी है उसे हम Jobwork Outstanding में देख सकते है।
  • Jobwork की एंट्री सेव करने के बाद हम प्रिंट (A5 Size & Sticker) भी निकाल सकते है, जिसमे Issue का QR भी प्रिंट होगा। ताकि जब माल वापस आये तो QR की मदद से सीधा वापस ले सकते है।

JobWork Quick Receive

  • Jobwork से प्रोडक्ट वापस आती है तब आया हुआ वजन और Qty डालेंगे तब दिया हुवा वजन और Qty का डिफरेंस बताएगा।
  • वजन के हिसाबसे या Qty के हिसाबसे चार्ज डाल सकते है, चार्ज के हिसाबसे कितना अमाउंट चुकाना है वो दिखायेगा। और वो अमाउंट कारीगर के खातेमें जमा हो जायेगी।
  • Receive होने के बाद Issue एंट्री Jobwork Outstanding में नहीं दिखेगी।

Jobwork Issue

  • अगर हमें रो-मटीरियल और सेमि-फिनिस का स्टॉक रखना है और कॉस्टिंग भी निकालना है तो हम Jobwork Issuse / Receive का उपयोग कर सकते है।
  • Jobwork में देते समय प्रोसेस, सेमि-फिनिस, रो-मटेरियल और सर्विस सेट कर सकते है।
  • Jobwork से कौनसी सेमि-फिनिस और फिनिस बनके आएगी वो हम Receivable में सेट कर सकते है।
  • प्रोडक्ट बनाने के लिए कितना रो-मटेरियल देना है, कितना सेमि-फिनिस देना है और कितना सर्विस चार्ज लगाना है, उसकी गिनती हो जाती है।

JobWork Receive

  • Receivable वजन के सामने कितना वजन आया है, Qty के सामने कितनी OK Qty आई है और कितना रिजेक्शन आया है और कितना डिफरेंस है वो हम गिन सकते है।
  • OK Qty के हिसाबसे कितना मटेरियल उपयोग होना चाहिए, कितना दिया था, कितना वापस आया और कितना डिफरेंस है उसकी गिनती हो जायेगी।
  • मटीरियल कोस्ट और सर्विस चार्ज को जोड़ कर कितना प्रोडक्शन कोस्ट हुआ है उसकी गिनती हो जायेगी।
  • जो सर्विस चार्ज होता है वो कारीगर के खातेमें जमा हो जाएगा।

Production

  • अगर कोई प्रोसेस जॉबवर्क में नहीं देनी है और कंपनीमें ही करनी है तो हम Production में एंट्री कर सकते है।
  • कितना प्रोडक्शन हुआ, कितना मटीरियल का उपयोग हुआ और कितनी सर्विस का उपयोग हुआ वो हम एंट्री कर सकते है। साथमे प्रोडक्शन कोस्टकी भी गिनती हो जायेगी।
Account
  • अलग अलग प्रकारके वाउचर की एंट्री कर सकते है, जैसे की Cash Receipt, Bank Receipt, Cash Payment, Bank Payment, JV वगेरे।
  • Receipt

    • कस्टमर से जो अमाउंट मिलती है उसपर केश-डिस्काउंट देते है या अलग से कोई खर्चा लगता है, तो वो भी हम डाल सकते है।
    • रिसीप्ट-प्रिंट मे प्रिवियस बैलेंस, अमाउंट और नेट बैलेंस भी दिखा सकते है।

    Payment

    • सप्लायर को जो पेमेंट देते है उसपर केश-डिस्काउंट मिलता है या अलग से कोई खर्चा लगता है, तो वो भी हम डाल सकते है।

    Outstanding

    • Receivable और Payable आउटस्टैंडिंग।
    • बिल वाइज आउटस्टैंडिंग।
    • Region और Contact Category वाइज फ़िल्टर।
    • पार्टी को दिया गया एडवांस और लिया गया एडवांस का लिस्ट।

    Financial Reports

    • Ledger
    • Trading Report
    • Profit & Loss Report
    • Income & Expenditure Report
    • Balance Sheet
    Other Features

    Databases

    • एक से ज्यादा Database बना सकते है।

    Multi User Management

    • मल्टी यूजर एक ही डेटाबेस पर काम कर सकते है।
    • अलग-अलग यूज़र को अलग-अलग राइट्स दिए जा सकते है। जैसेकि...
      • यूज़र वाइज एंट्री को एड, एडिट, डिलीट, प्रिंट वगेरे का राइट्स।
      • रिपोर्ट के लिए ऑन-स्क्रीन व्यू, प्रिंट प्रीव्यू, PDF डाउनलोड और एक्सेल(excel) डाउनलोड का राइट्स।
    • अलग-अलग डेटाबेस के लिए अलग-अलग यूज़र को अलग-अलग राइट्स दिए जा सकते है।

    Backup

    • डेईली ऑटो बैकअप लिया जाता है।
    • कभीभी बैकअप ले सकते है। पुराने बैकअप को डाउनलोड या डिलीट भी किया जा सकता है।
    Branding